Quantity Survey
& Estimation
Quantity Survey का मतलब है — काम शुरू होने से पहले नक्शा (drawing) देखकर यह हिसाब लगाना कि कितनी ईंट, सीमेंट, रेत, सरिया वगैरह लगेगी। इसी हिसाब से “Estimation” यानी पूरे काम का खर्चा (cost) भी निकाला जाता है।
अगर पहले से सही हिसाब न हो तो या तो material कम पड़ जाता है (काम रुकता है) या ज़्यादा मंगा लिया जाता है (पैसा बर्बाद)। सही estimate से contractor और owner दोनों को पता रहता है कि पूरा काम कितने में होगा।
माप लेते समय tape से सही-सही नाप लें और एक diary में सारी दीवारों की length, height, thickness लिख लें। कोई भी दरवाज़ा/खिड़की का साइज़ भी नोट करें।
Quantity Survey & Estimation क्या है? — हिंदी में पूरी जानकारी
Quantity Survey वह प्रक्रिया है जिसमें building drawing को पढ़कर हर काम की quantity (मात्रा) निकाली जाती है — जैसे excavation, PCC, brickwork, plaster, flooring आदि। इसी quantity के आधार पर Estimation यानी पूरे project का cost निकाला जाता है। भारत में यह काम IS 1200 (Method of Measurement of Building Works) के अनुसार किया जाता है।
Centre Line Method सबसे तेज़ तरीका है जब सभी दीवारों की thickness एक जैसी हो — इसमें सभी दीवारों की centre-to-centre length जोड़कर सीधे quantity निकाली जाती है। जहाँ thickness अलग-अलग हो वहाँ Long Wall — Short Wall Method use होता है।
Deductions IS 1200 के अनुसार 0.1 m² से बड़े openings (दरवाज़े/खिड़की) की area घटाई जाती है, और T-junction/Cross-junction पर length correction लगाया जाता है।
हमारा Quantity Survey Calculator तीन काम करता है: Centre Line से Wall Quantity निकालें, Room का Area calculate करें (wastage के साथ), और Quantity × Rate से Cost Estimate बनाएं।